आग सी लगती है तेरी बातों में,
तेरी आँखों में जादू बसा है…
दिल कहता है छू लूं तुझको,
पर ये फासला बड़ा बेवफा है
तेरी साँसों की खुशबू में जो नशा है,
वो किसी शराब में कहाँ…
जो लब तुझसे लग जाए,
जिस्म से रूह तक तुम ही तुम हो,हवा में घुली तेरी खुशबू हो…रातें भी तेरी बाहों में गुजरें,
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